वरोरा (चंद्रपुर):
डब्ल्यूसीएल माजरी क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली एकोना खदान में पिछले कई दिनों से चल रहे बड़े कोयला घोटाले का पर्दाफाश हुआ है। वरोरा पुलिस ने कोयले से लदे एसीएस (ACS) कंपनी के ट्रकों को पकड़ा है, जिसके बाद कोयला माफिया और विभाग के अधिकारियों के बीच मिलीभगत की परतें खुलने लगी हैं।
मुख्य घटनाक्रम
पकड़े गए ट्रकों (MH34BG4332 और MH34BG6132) के बारे में प्रारंभिक जानकारी मिली थी कि यह कोयला अल्ट्राटेक सीमेंट (अवारपुर) के लिए ले जाया जा रहा था। हालांकि, जांच में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं:
अल्ट्राटेक का इनकार
कंपनी प्रशासन ने आधिकारिक तौर पर स्पष्ट किया है कि पकड़े गए ट्रक उनके अधिकृत लिस्ट में शामिल नहीं हैं। कंपनी के अनुसार, इन ट्रकों ने कभी भी उनके प्लांट में कोयले की डिलीवरी नहीं की है।
अधिकारियों की भूमिका
यह अनुमान लगाया जा रहा है कि एकोना सब-एरिया ऑफिस के कुछ उच्चाधिकारियों की मिलीभगत के बिना इतने बड़े पैमाने पर हेराफेरी संभव नहीं है।
माजरी क्षेत्र के महाप्रबंधक (GM) श्री प्रसाद जी के सख्त रुख के बाद इस मामले में वरोरा पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई है।
जांच के घेरे में ‘सिस्टम’
यह चोरी केवल ट्रकों तक सीमित नहीं है, बल्कि एक गहरे रैकेट की ओर इशारा करती है। काफी समय से खदान से अवैध रूप से कोयला बाहर निकाला जा रहा था। वरोरा पुलिस अब इस बात की तफ्तीश कर रही है कि , बिना वैध दस्तावेजों के ये ट्रक खदान के अंदर कैसे दाखिल हुए?
किस अधिकारी के संरक्षण में ‘कागज पर’ कोयले की हेराफेरी की जा रही थी?
इस सिंडिकेट में एसीएस कंपनी और खदान प्रबंधन के कौन-कौन से चेहरे शामिल हैं?
सरकारी संपत्ति (कोयला) की इस तरह सरेआम लूट ने वेकोलि की सुरक्षा व्यवस्था और आंतरिक निगरानी पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस की बढ़ती दबिश से खदान अधिकारियों में हड़कंप मचा हुआ है।



